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स्थानीय

विष्णु वाराह प्रतिमा.

भगवान विष्णु वराह

पबलिश्ड ऑन: 28/09/2021

कारीतलाई में 5वीं सदी की विष्णु वाराह की प्रतिमा है आकर्षण – जिला मुख्यालय से 42 किमी. की दूरी पर बसा कारीतलाई गांव। यहां पर 5वीं सदी का भगवान विष्णु वराह का अद्भुत मंदिर है। बताया जाता है कि विंध्य पर्वत की कंदराओं में बसा यह गांव कभी कल्चुरी शासकों के बड़े कला केन्द्रों में […]

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मुंहास का संकटमोचन मंदिर.

मुहांस का संकटमोचन मंदिर

पबलिश्ड ऑन: 28/09/2021

आस्था और विश्वास का प्रतीक मुहांस का संकटमोचन मंदिर धार्मिक पर्यटन के साथ वर्षों से लोगों की आस्था और विश्वास का प्रतीक है जिले की रीठी तहसील का संकटमोचन हनुमान मंदिर मुहांस। जिला मुख्यालय से 35 किमी. दूर कटनी-दमोह मार्ग पर स्थित संकटमोचन मंदिर लगभग 40 वर्ष से लोगों के विश्वास का प्रतीक है। लोग […]

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माँ जालपा.

मां जालपा

पबलिश्ड ऑन: 28/09/2021

बांस के जंगल से प्रकट हुई थीं मां जालपा वर्षों से लोगों की आस्था का केन्द्र है शहर के बीचों बीच बना मां जालपा देवी का मंदिर। जहां पर प्रदेश भर से लोग अपनी मनोकामना को लेकर परिवार सहित पहुंचते हैं। बताया जाता है कि माई की प्रतिमा जहां प्रकट हुई थी बहुत पहले वहां […]

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विजयनाथधाम मंदिर.

विजयनाथधाम मंदिर

पबलिश्ड ऑन: 28/09/2021

कौमी एकता की मिसाल है विजयनाथधाम मंदिर जिले के धार्मिक पर्यटनों में से एक बरही का विजयनाथधाम कौमी एकता की मिसाल है। यहां पर मंदिर से लगी 17 एकड़ भूमि है। बरही के ही एक मुस्लिम परिवार ने मंदिर को भूमि दान में दी थी। लगभग 120 वर्ष पुराने इस स्थान को लेकर अलग-अलग किवदंती […]

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बांधा इमलाज राधा कृष्ण मंदिर.

बांधा इमलाज मंदिर

पबलिश्ड ऑन: 28/09/2021

शानदार नक्काशी का नमूना बांधा इमलाज मंदिर – शानदार नक्काशी और पुरातन कलाकृति का नमूना जिले की रीठी तहसील का बांधा इमलाज राधा कृष्ण मंदिर लोगों की आस्था का केन्द्र है। लगभग 85 वर्ष पुराने मंदिर की नींव से लेकर गुम्बद तक के निर्माण में मात्र 15 हजार रुपए और 11 साल तक मालगुजारी में […]

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पचमठा धाम के सांवले गणेश.

सांवले गणेश

पबलिश्ड ऑन: 28/09/2021

पचमठा धाम के सांवले गणेश – जिले के ऐतिहासिक नगर विजयराघवगढ़ के पचमठा धाम में विराजे सांवले गणेश की प्रतिमा अपने आप में अनूठी है। काले पत्थर पर बनी प्रतिमा के दर्शनों को लोग दूर-दूर से आते हैं। गणेशजी की यह अद्भुत प्रतिमा विजयराघवगढ़ रियासत में वर्ष 1826 में स्थापित कराई गई थी। विजयराघवगढ़ के […]

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कुंसरी की काली माता.

कुंसरी की काली माता

पबलिश्ड ऑन: 28/09/2021

ढीमरखेड़ा तहसील मुख्यालय से 23 किमी. दूर स्थित कुंसरी गांव में हिरण नदी के किनारे स्थापित काली माता का मंदिर वर्षों से लोगों की आस्था का केन्द्र है। लोगों का मानना है कि यह स्थान कोलकाता के काली मंदिर से जुड़ा हुआ है। यहां को लेकर मान्यता यह है कि गांव के बंशीलाल बागरी कभी […]

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महादेवी माता.

महादेवी माता की मढ़िया

पबलिश्ड ऑन: 28/09/2021

ब्रिटिश शासनकाल में बनी थी महादेवी माता की मढ़िया – ढीमरखेड़ा तहसील के दशरमन गांव में मां महादेवी का स्थान है। यहां पर माता को लोग शिला के रूप में पूजते हैं। लगभग 25 फीट ऊंची शिला को लेकर लोगों की मान्यता है, इसका कद हर साल बढ़ता जाता है। पहले यहां पर शिला मात्र […]

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शारदा माता का मंदिर.

मां शारदा देवी मंदिर

पबलिश्ड ऑन: 28/09/2021

मां शारदा देवी मंदिर विजयराघवगढ़ – मां शारदा माता मैहर का जितना महत्व है, उतना ही महत्व जिले के विजयराघवगढ़ में विराजी मां शारदा का है। विजयराघवगढ़ में विराजी माता को मैहर माता की बड़ी बहन कहा जाता है। बताया जाता है कि मां शारदा राजा प्रयागदास के साथ कटनी जिले के विजयराघवगढ़ नगर वर्ष […]

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एकांत वन.

एकांत वन

पबलिश्ड ऑन: 28/09/2021

शांति चाहिए तो आइए एकांत वन – शहर के वातावरण से दूर हरी भरी वादियां और शांति के साथ कुछ पल बिताने का मन हो तो आप झिंझरी स्थित वन विभाग के एकांत वन आ सकते हैं। घने पेड़ों के बीच यहां का शांत वातावरण लोगों को आकर्षित करता है। विभिन्न प्रजातियों के ऊंचे-ऊंचे वृक्षों […]

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